यात्रा का सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च
बैजू बावरा स्मारक चंदेरी में ध्रुपद संगीत के महान गायक बैजू बावरा की स्मृति में बनाया गया है। बैजू बावरा (असली नाम: बैजनाथ मिश्र) 16वीं शताब्दी के एक महान संगीतज्ञ थे जो अकबर के दरबारी संगीतज्ञ तानसेन के समकालीन थे।
किंवदंती है कि बैजू बावरा और तानसेन के बीच संगीत प्रतियोगिता हुई थी और बैजू बावरा ने अपने संगीत से पत्थरों को पिघला दिया था। उनके संगीत की दिव्यता के अनेक किस्से प्रचलित हैं।
चंदेरी से बैजू बावरा का गहरा नाता रहा है — कुछ मान्यताओं के अनुसार वे इसी क्षेत्र के निवासी थे। उनकी स्मृति में बना यह स्मारक भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को श्रद्धांजलि है।
संगीत प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अनूठा और भावपूर्ण स्थल है।
अक्टूबर से मार्च
16वीं शताब्दी (मुगल काल)
चंदेरी महोत्सव में संगीत कार्यक्रम (दिसंबर)
चंदेरी शहर में। अशोकनगर से 45 km।
ललितपुर रेलवे स्टेशन (37 km)।
राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल (240 km)।