यात्रा का सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च
बत्तीसी बावड़ी चंदेरी की एक ऐतिहासिक बावड़ी है जो अपनी 32 सीढ़ियों के कारण इस नाम से जानी जाती है। यह सल्तनत काल में जल संग्रह और संरक्षण के उद्देश्य से बनाई गई थी।
बावड़ी की वास्तुकला मध्यकालीन भारतीय जल संरक्षण तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी सीढ़ियाँ सुव्यवस्थित तरीके से जल स्तर तक जाती हैं और दोनों ओर की दीवारों पर सुंदर नक्काशी की गई है।
बावड़ियाँ मध्यकालीन भारत में जल प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण प्रणाली थीं। ये न केवल पानी संग्रह का माध्यम थीं बल्कि सामाजिक मेलजोल के केंद्र भी थे। गर्मियों में ये बावड़ियाँ ठंडक का स्रोत भी होती थीं।
चंदेरी में इस प्रकार की कई बावड़ियाँ हैं जो इस नगर की जल प्रबंधन व्यवस्था की कुशलता को दर्शाती हैं।
अक्टूबर से मार्च
सल्तनत काल (13वीं-15वीं शताब्दी)
चंदेरी महोत्सव (दिसंबर)
चंदेरी शहर में। अशोकनगर से 45 km।
ललितपुर रेलवे स्टेशन (37 km)।
राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल (240 km)।