यात्रा का सर्वोत्तम समय
अक्टूबर से मार्च
चंदेरी का किला मध्य प्रदेश के सबसे भव्य और ऐतिहासिक किलों में से एक है। 11वीं शताब्दी में निर्मित यह किला एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है और चंदेरी शहर का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है।
किले के प्रमुख आकर्षण हैं — हवा महल जो अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, नौ-खंडा महल जो नौ मंजिलों का भव्य महल था, और खूनी दरवाज़ा जो 1528 ई. में बाबर द्वारा चंदेरी विजय के समय हुए नरसंहार का मूक साक्षी है।
किले का इतिहास अत्यंत समृद्ध और संघर्षपूर्ण रहा है। चंदेल, मालवा सल्तनत, मुगल और मराठा — सभी ने इस किले पर अपना अधिपत्य जमाया। 1528 में इब्राहिम लोदी की हार के बाद बाबर ने चंदेरी पर आक्रमण किया, जहाँ राजपूत महिलाओं ने जौहर कर अपने सम्मान की रक्षा की।
किले से चंदेरी शहर, बेतवा नदी और आसपास के जंगलों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। किले के खंडहरों में आज भी उस गौरवशाली इतिहास की झलक मिलती है।
अक्टूबर से मार्च
11वीं शताब्दी, चंदेल और मालवा सल्तनत काल
चंदेरी महोत्सव (दिसंबर)
treditional, casual
enterance
भारतीय: ₹25 | विदेशी: ₹300
सुबह 8:00 बजे – शाम 6:00 बजे (सोमवार बंद)
अशोकनगर से 45 km। भोपाल से 240 km (NH-46 फिर राज्य राजमार्ग)। ललितपुर से 37 km। नियमित बस सेवा उपलब्ध।
ललितपुर रेलवे स्टेशन (37 km) सबसे नजदीक। दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित। वहाँ से टैक्सी/जीप उपलब्ध।
राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल (240 km)।